confusion is the biggest ailment and clarity is the biggest cure!
अकसर मन में ये सवाल होते हैं की जिससे आपको मुहब्बत है
क्या वो भी आपसे यूँ ही मुहब्बत करता है? हम अकसर इन सवालों से खुद को घिरा हुआ
पाते हैं, अपने वक़्त का एक बड़ा हिस्सा इन सवालों के जवाब खोजने में लगा देते हैं|
हम ये नहीं समझ पाते की मुहब्बत कोई करने की चीज़ है न ये
कोई काम है, अगर मुहब्बत करना काम होता तो कोई भी सीख लेता| मुहब्बत तो बस होती
है, और आप मुहब्बत करते नहीं बल्कि मुहब्बत में होते हैं| जब हम मुहब्बत को काम
समझ कर करने की कोशिश करते हैं हम इस से काफी दूर हो जाते हैं| करने से मुहब्बत
नहीं होती, हाँ दिखावा ज़रूर हो सकता है|
किसी से कह कर मुहब्बत करवाओ इससे बेहतर है आप सामान्य
रिश्ता निभा लो| करने से अगर होती मुहब्बत तो सारा ज़माना प्रेम में होता|
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