ऐसी मोहब्बत!!!
मोहब्बत वो जो तुम्हें पूरा कर दे
मोहब्बत वो जो तुम्हारी खोज ख़तम कर दे|
मोहब्बत वो जो
तुम्हें हर जगह दिखती हो
मोहब्बत वो जो तुम्हें पानी सा मुलायम कर दे|
मोहब्बत वो जो तुम्हें हर कहीं का बना दे
मोहब्बत वो जो तुम्हारे अन्दर आइना बन जाये|
मोहब्बत वो जो
कभी ख़तम न हो, जो कभी हारे न,
जो किसी धुरी,
दीवार की मोहताज न हो, रस्म-ओ-रिवाज की मोहताज
न हो, मायूस न हो|
जिस से सोच कर आँख भर आये तुम्हारी,
जिस से सोच कर दिमाग रुक जाए, नज़रें थम जाएँ|
साँसें ठहर जाएँ
इस क़दर की दिल की धड़कन सुन पाओ तुम
जुड़ा हो इंसान इस क़दर की
महसूस कर पाए ख़ुशी या दर्द का एहसास|
जिससे देख तुम ठहर जाओ
रात की ख़ामोशी की
तरह
ऐसी
मोहब्बत की है मैं ने तुम से
ऐसी
उल्फत की है मैं ने तुम से|
तुमने अगर की हो ऐसी मोहब्बत तो कहना
तुम्हें भी अगर हुआ हो यूं ही एहसास तो कहना|
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